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हरियाणा की इस बेटी का कमाल, दौड़ लगाते लगाते हुई आर्मी में भर्ती, बनी देश की पहली महिला

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आज के समय में महिला पुरुषों से कंधे से कंधा मिला कर चल रही हैं। अपनी जिंदगी जिस तरीके से जीना चाहती हैं जी सकती हैं। लेकिन एक समय ऐसा भी था जब महिलाओं को चूल्हे चौके के आगे बढ़ने नहीं दिया जाता था। उन्हें घर में ही रखा जाता था किसी सामान की तरह। लेकिन अपनी काबिलियत के बलबूते आज महिलाएं चांद तक पहुंच चुकी हैं। ऐसी ही एक हरियाणा की बेटी है जिसने अपनी कड़ी मेहनत के बलबूते परिवार ही नहीं बल्कि पूरे हरियाणा को गौरवान्वित कराया है और इस बेटी का नाम सम्मी है जो हिसार की रहने वाली हैं।

हाल ही में सम्मी ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है जिसके बाद हर तरफ केवल उन्हीं की चर्चा हो रही है। क्योंकि वह खेल कोटे से सैन्य पुलिस में सिपाही के तौर पर भर्ती होने वाली पहली भारतीय बन चुकी हैं। इस सफलता के पीछे सम्मी की बरसों की कड़ी मेहनत भी छिपी हुई है। सम्मी अब कई लोगो के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।

हरियाणा के हिसार की रहने वाली होनहार बेटी सम्मी ने पूरे परिवार ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश का नाम रोशन कर दिया है। कच्चे मैदानों में दौड़ लगाकर सम्मी ने इस सफलता को हासिल किया है। अब सम्मी हरियाणा ही नहीं बल्कि देश की पहली बेटी हैं जिनका खेल कोटे से सीधा कोर ऑफ मिलिट्री पुलिस में चुनाव हुआ है। ये सब सम्मी की मेहनत का ही नतीजा है। बेशक सम्मी पढ़ाई में ज्यादा अच्छी नहीं रही।

लेकिन सम्मी को हमेशा से ही खेलों का शौक रहा है। वहीं उनकी बहन भी खेल क्षेत्र में है तो सम्मी ने अपनी बहन को देखते हुए ही दौड़ लगाना शुरू कर दिया। सम्मी कच्चे मैदानों में ही दौड़ लगाया करती थी।

कई सालों तक सम्मी ने ऐसे ही कच्चे मैदानों में दौड़ लगाई। वहीं यहाँ एक कोच भी थे जो सम्मी को भी दौड़ का अभ्यास कराया करते थे। इसके बाद ही सम्मी के मन में भारतीय सेना में भर्ती होकर ओलंपिक खेलने का सपना अपने मन में संजोया।

कई मेडल कर चुकी हैं अपने नाम

बता दें कि आज से करीब सात साल पहले सम्मी ने अपनी संघर्ष को शुरू किया था। आज उन्हें भी इसका फल मिल रहा है। शुरुआत में सम्मी ने ज़िला स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लिया जहां उन्हें जीत मिली और उनका आत्मविश्वास भी बढ़ने लगा।

इसके बाद सम्मी ने 400 मीटर दौड़ का अभ्यास शुरू किया। यहाँ भी सम्मी को अच्छी सफलता मिली। इसके बाद सम्मी ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में भाग लिया। यहाँ उन्हें ब्रोंज मिला। इसके अलावा भी सम्मी कई खिताब जीत चुकी हैं। आज सम्मी पर उनके पूरे परिवार को गर्व हो रहा है।

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